Qabar Mein Namaziyon Ke Shaan Part 10

مفتي القبر

क़ब्र का मतलब मसला 50. “क़ब्र” का मतलब किसी चीज़ को छुपाना या दफ़न करना

و بعث الله غرابا يبحث في الأرض ليريه كيف يوارى سوء أخيه (5

“फिर अल्लाह तआला ने एक कौआ भेजा जिसने ज़मीन खोदी ताकि लील को) दिखाए कि वह अपने भाई की लाश कैसे छुपा सकता है।”

(सूरह माइदा, आयत 31)

21 : 80) البزك الرجل: إذا جعل له تزاری قول الله عز وجل وناثره (

सरह अबस की आयत 21 में अल्लाह तआला का इरशाद है अक-र-बहू” अरब लोग कहते हैं “अक़बरतुर रजुल” अर्थात मैंने मी को दफ़न किया। जब कोई आदमी कहे कि मैंने उसके लिए क़ब्र और उसे क़ब्र में डाला तो उसका मतलब है मैंने उसे दफ़न किया।

(बुख़ारी) मसला 51. क़ब्र की ज़िंदगी को बरज़न (अर्थात पर्दा) की ज़िंदगी या जालमे बरज़ख भी कहा जाता है।

(100:23)

 “उन सब (मरने वालों) के पीछे एक पर्दा है उस दिन तक के लिए जब है कब्रों से) उठाए जाएंगे।” (सूरह मोमिनून, आयत 100) ‘ स्पष्टीकरण : मरने के बाद मय्यित मिट्टी में दफ़न हो या पानी में की हो या दरिन्दे उसे खा जाएं या जलाकर उसे राख बना दिया जाए, जहां मय्यित का जिस्म या जिस्म के ज़र्रात या ज़र्रा ठहरेगा, वही उसकी क़ब्र कहलाएगी।

___1. बुख़ारी, किताबुल जनाइज़।

 

نويم القبر

क़ब्र की नेमतें हक़ हैं मसला 52. ईमान वालों को क़ब्र में जन्नत की नेमतें हासिल होती हैं।

والذين تتوهم الملكة طيين يقولون لم علم ادخلوا الجنة بما ثم

(32:16)405 “नेक और पाक लोगों की रूह क़ब्ज़ करने के लिए जब फ़रिश्ते आते हैं तो (पहले) अस्सलामु अलैकुम कहते हैं (और फिर कहते हैं) दाखिल हो जाओ जन्नत में उन कर्मों के बदले जो तुम करते रहे।”

(सूरह नहल, आयत 32) __ मसला 53. क़ब्र मोमिन के लिए हरा-भरा व शादाब बाग़ है जिसमें चौधवीं के चांद जैसी रौशनी होती है।

قال ((ان المؤمن في قبره فى روضة

ولي الله عن ابي هريرة رضي الله عنه عن

(حسن) و فراغاو وژله كالقمر ليلة البذر)) رواه أبو يعلى خضراء قيځ له قبره

हज़रत अबू हुरैरह (रजि०) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्ल०) ने फ़रमाया “बेशक मोमिन अपनी क़ब्र में हरे-भरे बाग़ में होता है जो उसके लिए सत्तर हाथ (लगभग 105 फिट या 35 मीटर) फैला दिया जाता है और उसमें चौधवीं रात के चांद जैसी रौशनी कर दी जाती है।” इसे अबू यअला ने रिवायत किया है।

स्पष्टीकरण : दूसरी हदीस में मोमिन की क़ब्र सत्तर दर सत्तर (अर्थात 35×35 मीटर) खोलने के शब्द आए हैं। क़ब्र में विशालता मोमिन के सद कर्मों के अनुसार होगी।

मसला 54. अहले ईमान को क़ब्र में उनकी जन्नत वाला निवास स्थान 1. अत्तर्णीब वत्तींब, जिल्द 4, हदीस 5216,

सुबह व शाम दिखाया जाता है।

عن ابن عمررضى الله عنهما أن ممول الله وقال إن أحدكم إذا مات غرض من أهل الجنة وان كان من ان النار علي مقعده بالغداة والممشى إن كان من أفل التي فمن أهل النار قال هذا مقعدك حتى يتعنت الله إليه يوم القيمة )) رواه مسلم )

.हरत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि०) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह (सल्ल०) ने फ़रमाया “तुममें से जब कोई मरता है तो उसे सुबह व शाम उसका ठिक ना दिखाया जाता है। अगर वह जन्नती है तो उसे जन्नतियों वाले मेहलात दिखाए जाते हैं और अगर जहन्नमी है तो जहन्नमियों वाला ठिकानां दिखाया जाता है और उसे बताया जाता है तेरे रहने की जगह अल्लाह तआला क़यामत के दिन तुझे यहां भेजेगा।” इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।’

मसला 55. मोमिन को क़ब्र में जन्नत का बिस्तर और जन्नत का लिबास मुहैया किया जाता है। .

स्पष्टीकरण : हदीस मसला 91 के अन्तर्गत देखें।

मसला 56. मोमिन की क़ब्र में जन्नत की तरफ़ एक मुस्तक़िल दरवाज़ा खोल दिया जाता है।

स्पष्टीकरण : हदीस मसला 92 के अन्तर्गत देखें।

  1. किताबुल जन्नत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *